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मुख्य सचिव ने गेहूँ खरीद, पीएम किसान पंजीकरण और उर्वरक वितरण की समीक्षा की

30 अप्रैल तक सभी पात्र किसानों का पंजीकरण अनिवार्य, ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगे गेहूँ क्रय केन्द्र

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर जनकल्याणकारी एवं कृषि संबंधी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में गेहूँ खरीद, प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के अंतर्गत पंजीकरण तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश में गेहूँ खरीद 30 मार्च से शुरू हो चुकी है और इसे प्रभावी रूप से संचालित करना जरूरी है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी शेष क्रय केन्द्रों को तत्काल सक्रिय किया जाए और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की सुविधा के लिए अतिरिक्त केन्द्र स्थापित किए जाएं। साथ ही, बिना पंजीकरण वाले किसानों का मौके पर ही पंजीकरण कर खरीद सुनिश्चित करने को कहा गया।

उन्होंने एग्रीस्टैक एवं ई-पड़ताल के माध्यम से किसानों के सत्यापन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। यदि किसी कारण से डिजिटल सत्यापन संभव न हो, तो अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कर खरीद की प्रक्रिया पूरी की जाए। क्रय केन्द्रों पर किसानों को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने और निजी व्यापारियों द्वारा की जा रही खरीद पर नजर रखने के भी निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत पंजीकरण की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि 30 अप्रैल तक सभी पात्र किसानों का पंजीकरण अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। इसके लिए 6 से 15 अप्रैल तक ग्राम पंचायत स्तर पर विशेष अभियान चलाकर शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और लेखपालों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

उर्वरकों की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देश दिया कि सब्सिडी युक्त उर्वरकों का 100 प्रतिशत विक्रय पीओएस मशीनों के माध्यम से ही किया जाए। आईएफएमएस पोर्टल के जरिए नियमित निगरानी रखने और जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित कर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्य सचिव ने उर्वरकों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही गैर-कृषि क्षेत्रों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर निगरानी रखने और किसानों को संतुलित उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया।

बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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