वाराणसी

जनशिकायतों के निस्तारण में देवीपाटन मंडल अव्वल — मीरजापुर दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर

लखनऊ, 11 अक्टूबर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की सतत मॉनिटरिंग और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था के चलते प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण की गति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है।
आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर सितंबर माह की रिपोर्ट में देवीपाटन मंडल ने प्रदेशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। वहीं मीरजापुर मंडल दूसरा और बस्ती मंडल तीसरे स्थान पर रहा।


🔹 मुख्य बिंदु:

  • देवीपाटन मंडल को 120 में से 104 अंक, सफलता दर 86.67%

  • मीरजापुर मंडल को 98 अंक, सफलता दर 81.67%

  • बस्ती मंडल को 97 अंक, सफलता दर 80.83%

  • अलीगढ़ चौथे और वाराणसी मंडल पांचवें स्थान पर रहे


🔹 देवीपाटन की सफलता का मॉडल

देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है।
मंडल के चारों जिलों — श्रावस्ती, बहराइच, गोंडा और बलरामपुर — में शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी समाधान के लिए निरंतर मॉनीटरिंग की जा रही है।

  • प्रत्येक माह रेंडम पाँच शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक लिया जाता है

  • विभागीय आख्या की जांच से यह सुनिश्चित किया जाता है कि निस्तारण केवल कागजों पर न रहे, बल्कि वास्तविक कार्रवाई हो

  • समयबद्धता और जवाबदेही दोनों पर बराबर जोर दिया जा रहा है


🔹 मीरजापुर और बस्ती मंडल भी रहे आगे

मीरजापुर मंडल ने सितंबर माह की रिपोर्ट में 98 अंक के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है।
वहीं बस्ती मंडल ने 97 अंक और 80.83% सफलता दर के साथ तीसरा स्थान हासिल किया।
दोनों मंडलों ने पीड़ितों से सीधा फीडबैक, फील्ड विज़िट्स और नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से शिकायत निवारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया है।


🔹 योगी सरकार का पारदर्शी शासन मॉडल

आईजीआरएस पोर्टल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की “सुगम, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन” की अवधारणा का उत्कृष्ट उदाहरण बन चुका है।
इससे

  • शिकायतों के निस्तारण में तेजी और पारदर्शिता आई है,

  • पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल रहा है,

  • और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित हुई है।

👉 योगी सरकार का संकल्प:
“जनता की शिकायतों का त्वरित समाधान ही सुशासन की सच्ची पहचान है।”

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