पासपोर्ट सॉफ्टवेयर फिर हुआ ठप — यूपी के 37 केंद्रों पर काम पूरी तरह बाधित, हजारों आवेदक परेशान

लखनऊ, 19 जून 2025:
उत्तर प्रदेश में पासपोर्ट सेवाएं एक बार फिर तकनीकी ठप की चपेट में आ गई हैं। राजधानी लखनऊ समेत वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ, झांसी और नोएडा सहित 37 से अधिक पासपोर्ट सेवा केंद्रों पर सॉफ्टवेयर फेल हो गया है, जिससे हजारों आवेदक परेशान और हताश नजर आए।
पासपोर्ट सॉफ्टवेयर में अचानक आई तकनीकी खराबी की वजह से आज अधिकांश केंद्रों पर अपॉइंटमेंट होने के बावजूद आवेदकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। कई बुजुर्ग, महिलाएं, छात्र और विदेश यात्रा की योजना बना रहे युवा सुबह से कतार में खड़े थे, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण एक भी आवेदन प्रोसेस नहीं हो सका।
🔧 बार-बार फेल होता सिस्टम: MEA और TCS पर सवाल
यह कोई पहली बार नहीं है। विदेश मंत्रालय (MEA) और तकनीकी सेवा प्रदाता टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) की लापरवाही को लेकर अब प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
हर 10-15 दिन में सर्वर डाउन होने की शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन अब तक न तो MEA ने ठोस कार्रवाई की है, और न ही TCS ने सिस्टम को स्थायी रूप से मजबूत किया है।
📍 प्रभावित ज़िले:
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लखनऊ
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वाराणसी
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कानपुर
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गोरखपुर
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प्रयागराज
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मेरठ
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झांसी
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नोएडा
(सहित कुल 37 केंद्र)
🗣️ नागरिकों की नाराज़गी:
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“हम सुबह 7 बजे से लाइन में थे, लेकिन अब बताया जा रहा है कि सर्वर काम नहीं कर रहा। इतनी गैर-जिम्मेदारी तो कभी नहीं देखी।” — आवेदक
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“बेटी का वीज़ा इंटरव्यू है, और पासपोर्ट नहीं बना। कौन जिम्मेदार होगा?” — एक अभिभावक
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“हर बार यही होता है। अगर तकनीक पर निर्भर हैं तो उसे मजबूत क्यों नहीं करते?” — एक छात्र
❗ प्रमुख सवाल:
क्या पासपोर्ट विभाग की तकनीकी निर्भरता ही उसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन गई है?
सरकार और सेवा प्रदाता को अब जवाब देना होगा कि नागरिकों की अंतरराष्ट्रीय पहचान से जुड़ी इतनी अहम सेवा में बार-बार आने वाला व्यवधान आखिर कब रुकेगा?



