
लखनऊ में गोमतीनगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक के मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने मिलकर 14 करोड़ रुपए की हेराफेरी कर डाला। एक व्यापारी के नाम से फर्जी खाता खोलकर लोन निकाला और बाद में इसे नॉन प्रॉफिट अकाउंट दिखाकर रकम हड़प लिया। शनिवार को व्यापारी की तहरीर पर शाखा प्रबंधक सहित पांच बैंक कर्मियों के खिलाफ गोमतीनगर थाने में केस दर्ज किया गया है।
गोमतीनगर के विश्वास खण्ड निवासी व्यापारी प्रियांक श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने 2008 में विपुलखंड स्थित पीएनबी शाखा से एक करोड़ रुपये का लोन लिया था। इसकी लिमिट कई बार उन्होंने बढ़वाई तो लोन करीब चार करोड़ का पहुंच गया। उन्होंने बैंक मैनेजर तरुण दास, सर्किल हेड पवन सिंह, रिकवरी मैनेजर शम्मी, एजीएम हरीश जुनेजा, चीफ मैनेजर पुनीत मिश्र से एक मुश्त भुगतान करके लोन खत्म करने को कहा। लेकिन उक्त बैंक कर्मी टाल मटोल करने लगे। दबाव बनाने पर ब्याज सहित करीब साढ़े पांच करोड़ भुगतान कर दिया। जिसके कुछ दिन बात उक्त लोगों ने उनके ही नाम करीब आठ करोड़ रुपये का लोन निकाल लिया। आरोपियों ने उनके नाम से फर्जी खाता खोलकर लोन की रकम उसमे ट्रांसफर कर लिया। जिसे पांचों आरोपी संचालित कर रहे थे। रकम डकारने के बाद इन बैंक अधिकारियों ने मिलकर खाते को एनपीए करार दे दिया और यह दिखाया कि लोन जमा नहीं किया गया। जिसके कारण अन्य बैंकों में भी ब्लैक लिस्टेड हो गया।
आरटीआई में जवाब नही मिला तो रिजर्व बैंक में की शिकायत
प्रियांक के मुताबिक रिकवरी नोटिस मिलने पर उन्होंने आरटीआई के जरिए जानकारी मांगा। लेकिन बैंक ने वो दस्तावेज नही दिए।जिसके आधार पर खाते खोले गए थे। इसपर शिकायत रिजर्व बैंक आफ इंडिया में की और एक निजी एजेंसी से एक आडिट कराई। आडिट की रिपोर्ट और बैंक की रिपोर्ट अलग होने पर मामले की जानकारी डीसीपी पूर्वी को दी। इंस्पेक्टर गोमतीनगर ने बताया कि जांच के आधार पर मैनेजर तरुण दास के अवाला पवन सिंह, शम्मी भसीन, हरीश जुनेजा और पुनीत मिश्रा के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।